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कर्नाटक में SIR को लेकर सियासी घमासान, BJP-JDS ने राज्यपाल से की कांग्रेस सरकार की शिकायत, सौंपा ज्ञापन

 Reported By: T Raghavan,  Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Oct 06, 2026 11:46 am IST,  Updated : Oct 06, 2026 12:08 pm IST

राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में 6 FIR का भी जिक्र किया गया है। BJP-JDS ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर आपत्ति दर्ज कराने वालों के हितों की रक्षा करने और कथित रूप से झूठे आपराधिक मामलों पर रोक लगाने के निर्देश देने की मांग की है।

कर्नाटक के NDA के नेताओं ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत को सौंपा ज्ञापन- India TV Hindi
कर्नाटक के NDA के नेताओं ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत को सौंपा ज्ञापन Image Source : REPORTER INPUT

कर्नाटक में SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस सरकार पर SIR की प्रक्रिया के संचालन में गैर-कानूनी और अनुचित तरीके से हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए आज NDA के नेताओं ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई है। इस शिकायत में कहा गया कि अवैध घुसपैठ के कारण मतदाता सूचियों में अयोग्य व्यक्तियों के नाम शामिल होने से रोकने और उस पर अंकुश लगाने SIR की प्रक्रिया की जा रही है। ज्ञापन में कहा गया कि मतदाता सूची में किसी मतदाता को शामिल करने के लिए आपत्तियां दर्ज करना एक वैधानिक अधिकार है, जो जांच और नियंत्रण, चुनाव अधिकारियों द्वारा संवीक्षा, और कानून द्वारा स्वीकृत अपील प्रक्रिया के अधीन है।

ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में किए जाने वाले सुधारों की पहचान करने के लिए थोक में आवेदन दाखिल करने का प्रावधान मौजूद है। निपटारे से पहले सभी आपत्तियों का ईआरओ/एईआरओ द्वारा क्रॉस-सत्यापन किया जाता है, और एक बीएलए (BLA) कई प्रपत्र-7 आवेदन दाखिल कर सकता है। 

NDA के नेताओं ने लगाए ये आरोप

BJP और JDS के नेताओं ने इस ज्ञापन के जरिये आरोप लगाया कि जब एसआईआर प्रक्रिया का यह संवैधानिक आदेश पूरा किया जा रहा है, तब कर्नाटक राज्य में वर्तमान कांग्रेस सरकार के सदस्य, केपीसीसी (KPCC) से संबंधित अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ, एसआईआर प्रक्रिया के कामकाज में बड़े पैमाने पर अनुचित प्रभाव डाल रहे हैं और हस्तक्षेप कर रहे हैं।

SIR की पूरी प्रक्रिया हो रही कमजोर

सरकार कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर, उन व्यक्तियों के खिलाफ झूठे और गंभीर आपराधिक आरोप दर्ज करके राज्य की पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग कर रहे हैं, जो फॉर्म 7 के जरिये आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं, जिससे आपत्तियां दर्ज कराने वालों के मन में डर और आशंका का माहौल बन रहा है। एसआईआर की पूरी प्रक्रिया कमजोर हो रही है। हालांकि, फर्जी आपत्तियां दर्ज करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय है, लेकिन राज्य सरकार पुलिस पर बीएनएस (BNS) अधिनियम के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, डराने-धमकाने और शांति भंग जैसे गंभीर अपराध दर्ज करने का दबाव बना रही है। BJP के कार्यकर्ताओं और BJP के प्रति सहानुभूति रखने वाले व्यक्तियों को निशाना बना रही है।

भाल्की (बीदर), मार्केट एरिया (बेलगावी), व्यालिकवल (बेंगलुरु), बल्लारी और नरसिम्हाराजा (मैसूरु) में 6 एफआईआर दर्ज किए जाने की खबरें आई हैं। यह भारत निर्वाचन आयोग जैसे स्वतंत्र और निष्पक्ष निकाय के कामकाज में हस्तक्षेप करने के लिए पुलिस शक्ति का एक गंभीर दुरुपयोग है, जिससे पूरी एसआईआर प्रक्रिया की पवित्रता से समझौता होता है।

झूठे आपराधिक मामले दर्ज किए जाने का व्यक्तियों में अब डर 

ज्ञापन में ये भी बताया गया है कि 1 अक्टूबर को कम ने मंत्रियों के अपने दल-बल के साथ, निषेधाज्ञा के बावजूद चुनाव अधिकारी के कार्यालय परिसर के भीतर गैरकानूनी रूप से विरोध प्रदर्शन किया। इस अनधिकृत प्रदर्शन ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय के कामकाज पर अनुचित प्रभाव डाला और मुख्य चुनाव अधिकारी ने (RP) अधिनियम की धारा 31 के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव किया, क्योंकि यह पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग और एसआईआर प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप को वैध बनाता हुआ प्रतीत होता है। बेलगावी, बीदर, बल्लारी और मैसूरु सहित विभिन्न जिलों में एफआईआर में गंभीर अपराधों को शामिल करते हुए, बीएनएस अधिनियम 2023 के तहत झूठे आपराधिक मामले दर्ज किए जाने का व्यक्तियों में अब डर है।

राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि यह दुखद है कि मुख्य निर्वाचन कार्यालय ऐसे दबाव के आगे झुकता हुआ प्रतीत होता है। इन हालातों में फॉर्म-7 के जरिये आपत्तियां दर्ज कराने वाले व्यक्तियों के हितों की रक्षा के लिए कर्नाटक सरकार को उचित निर्देश जारी करने की राज्यपाल से अपील की गई है। इस एसआईआर प्रक्रिया में BJP कार्यकर्ताओं सहित व्यक्तियों के खिलाफ झूठी, अनाधिकृत एफआईआर और बीएनएस अधिनियम 2023 के तहत आपराधिक मामले दर्ज न किए जाएं, सरकार को निर्देश देने की अपील BJP और JDS के नेताओं ने की है।

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